गुरुवार, 21 अप्रैल 2016

दोमुंहों से ज़रा बचकर .........





वो हंस हंस कर अकसर बातें करते थे
 लेकिन कौन जाने कि क्या वो दिल में दबाए बैठे थे
 बगल में छुरी और मुंह पर राम का नाम जपाते थे
हमें भी एक बार तो ऐसा ही लगा कि सब अपने हैं
अपनों से भला क्या ​कोई कुछ क्यों ​छिपाएगा
यही सोच कर हम हर बात हर किसी को बताया करते थे
लेकिन धीरे धीरे ये मीठी छुरियां
हमें ही अपने ज़हरीले डंक से डंस लेगी एक दिन
इस बात का कभी अंदाज़ा न था

शुक्रवार, 8 अप्रैल 2016

पहला जीउ पानी है जितु हरिया सब कोई.......





              जल बिन सब कुछ सून और पानी का ये सूनापन अब हर गली कूचे में नजर आने लगा है । गर्मी की आहट भर है और देश के कई सूबों में पानी की किल्लत शुरू हो चुकी है । देश के कई राज्यों में सूखे के हालात हैं ...जिसकी वजह से इन राज्यों में पानी की भारी किल्लत हो चुकी है । लोग दूर दराज के क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा हालात खराब हैं महाराष्ट्र में जहां कई ज़िले सूखे की चपेट में हैं। लेकिन लातूर में हालात बद से बदतर हो चुके हैं । जहां पानी को लेकर हाहाकार मची हुई है...लातूर में पानी को लेकर धारा 144 लागू कर दी गई है । पानी के टैंकरों पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है।