गुरुवार, 25 फ़रवरी 2016

आरक्षण की आड़ में दरिंदगी




              आरक्षण की आड़ में दरिंदगी  
शमिन्दर कौर कलेर


                हरियाणा में शुरू आरक्षण को लेकर उठी आग भले ही ठंडी हो चुकी है ...लेकिन आरक्षण की आड़ में शुरू हुए इस आंदोलन के बाद हरियाणा में कुछ बचा है तो वो है बर्बादी का मंज़र ...स्कूल हों ,ढाबे हों ,मॉल हों सब कुछ आरक्षण की इस आग की भेंट चढ़ गया है ...हर तरफ बर्बादी के निशां देखने को मिल रहे हैं ...इस आंदोलन ने हरियाणा में चल रही विकास की रफ्तार को सिर्फ धीमा ही नहीं किया है बल्कि हरियाणा को कई साल पीछे  धकेल दिया है ...लेकिन आंदोलन का एक घिनौना चेहरा भी सामने आया है.

बुधवार, 24 फ़रवरी 2016

मज़हब नहीं सिखाता..........

शमिन्दर कौर कलेर

              मज़हब नहीं सिखाता..........


            भारत जिसे धर्म निरपेक्ष देश के तौर पर जाना जाता है ,भारत में हर ​जाति और धर्म के लोग आपसी भाईचारे और सहयोग से रहते हैं ...लेकिन धर्म के ठेकेदार आपसी भाईचारे और शांति को भंग कर अपनी रोटियां सेंकने से बाज नहीं आते और ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं ...

शनिवार, 20 फ़रवरी 2016

आरक्षण की आग में झुलसता हरियाणा

                      आरक्षण की आग में झुलसता हरियाणा 


                 हरियाणा में आरक्षण की चिंगारी अब भयंकर आग का रूप धारण कर चुकी है । जाटों की ओर से शुरू किया गया ये आंदोलन अब उग्र हो चुका है । जाट आंदोलन की वजह से हरियाणा में हालात बद से बदतर हो चुके हैं ।

सोमवार, 8 फ़रवरी 2016

लम्हों ने ख़ता की थी ..



                 आज जहां पूरा विश्व प्राकृतिक आपदाओं और पर्यावरण में प्रदूषण जैसी समस्याओं से जूझ रहा है ...पर्यावरण में प्रदूषण जहां पर्यावरणविदों के लिए चिंता का विषय बन चुका है ...वहीं पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए पूरा विश्व मंथन में जुटा है ..

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2016

पंचायत का ये कैसा फरमान


   गांवों में पंचायतों की खास अहमियत होती है ...और गांव के सरपंच और पंचों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है ...और ये पंच सरपंच ही गांव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ...पहले पंचों को पंच परमेश्वर का दर्जा दिया जाता था और उनकी ओर से सुनाया गया फैसला ही सर्वमान्य होता था ...क्योंकि उन फैसलों में लोगों की भलाई छिपी होती थी और वो न्यायसंगत होते थे ...समय के बदलाव के साथ साथ अब पंचायतों की कार्यशैली में भी बदलाव आया है ... अब पंचायतें पहले जैसी नहीं रही ....

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2016

अज्ज लग्गी नज़र पंजाब नूं-2

पंजाब सरहदी सूबा होने का संताप हमेशा से भोगता रहा है ...कभी आतंकवाद ,कभी सीमा पार से होने वाली फायरिंग और कभी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नशा तस्करी...लेकिन आज हम पंजाब में सबसे बड़ी जिस समस्या की बात कर रहे हैं वो है नशा...

अज्ज लग्गी नज़र पंजाब नूं-1

पंजाब  जिसे पांच आब की  धरती कहा जाता था ,पांच आब  यानि  की पांच  नदियों  का प्रदेश  । लेकिन आज पांच  नदियों  के इस प्रदेश को लगता है किसी की नज़र  लग चुकी है। कोई  वक्त् था जब पंजाब  को एक ख़ुशहाल प्रदेश के  तोर पर जाना जाता था। पंजाब की ज़रख़ेज़ धरती ने न केवल देश मे अन्न  की कमी को पूरा किया बल्कि देश भर में ये सूबा हरित क्रांति के लिए जाना जाने लगा। अन्न उत्पादन में इस प्रदेश ने पहला दर्ज़ा  हासिल किया।