गुरुवार, 25 फ़रवरी 2016

आरक्षण की आड़ में दरिंदगी




              आरक्षण की आड़ में दरिंदगी  
शमिन्दर कौर कलेर


                हरियाणा में शुरू आरक्षण को लेकर उठी आग भले ही ठंडी हो चुकी है ...लेकिन आरक्षण की आड़ में शुरू हुए इस आंदोलन के बाद हरियाणा में कुछ बचा है तो वो है बर्बादी का मंज़र ...स्कूल हों ,ढाबे हों ,मॉल हों सब कुछ आरक्षण की इस आग की भेंट चढ़ गया है ...हर तरफ बर्बादी के निशां देखने को मिल रहे हैं ...इस आंदोलन ने हरियाणा में चल रही विकास की रफ्तार को सिर्फ धीमा ही नहीं किया है बल्कि हरियाणा को कई साल पीछे  धकेल दिया है ...लेकिन आंदोलन का एक घिनौना चेहरा भी सामने आया है.
...जिसने पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया है...जी हां आप भी इस सच को जानकर हैरत में पड़ जाएंगे ...आरक्षण की आड़ में कुछ उपद्रवियों ने महिलाओं को ​अपना शिकार बनाया है ...उपद्रवियों ने इस आंदोलन के दौरान सोनीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग एक पर गांव कुराड़ के पास जाम में फंसी महिलाओं के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया बल्कि कई महिलाओं को अपनी हवस का शिकार भी बनाया ...महिलाएं अपने बचाव में चीख पुकार करती रही ,लेकिन उपद्रवियों के सामने उनकी एक नहीं चली...उपद्रवियों ने इन महिलाओं की अस्मत को तार तार कर दिया... जब ये महिलाएं अपने साथ हुई ज्यादती की रिपोर्ट लिखवाने पुलिस थाने पहुंची तो उन्हें वहां से भगा दिया गया ... पूरा वाक्या सोमवार का है...जब सुबह तड़के मुरथल के पास नेशनल हाईवे 1 पर कुछ गाड़ियों को रोका गया ...गाड़ियों को आग लगा दी गई...इनमें से कुछ लोग तो जान बचाकर भाग निकले ,लेकिन कुछ महिलाएं भाग नहीं पाई...जिन्हें उपद्रवियों ने अपनी ​हवस का शिकार बनाया... कुराड़ गांव के युवक हरिकृष्ण का कहना है कि वे इस हैवानियत भरे लम्हों का ज़िक्र तक नहीं करना चाहते ...सुखदेव ढाबे के मालिक अमरीक सिंह का कहना है कि इस वारदात के बारे में उन्हें तड़के 3 बजे पता चला ...जब महिलाओं के चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं...उनका कहना है कि उनके ढाबे से करीब 1 किलोमीटर दूर सड़क पर लगाए जाम को सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज के बाद हटा दिया ...लेकिन कुछ उपद्रवी वहीं पर झाड़ियों में छिप गए ...और सुरक्षाबलों के जाते ही इन उपद्रवियों ने महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया ...ये महिलाएं जब पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने पहुंची तो उन्हें बदनामी से बचने के लिए इस मामले को न उठाने की बात कही गई ...इस मामले के मीडिया में आने के बाद पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं ...जिसके बाद हरियाणा के डीजीपी वाईपी सिंघल ने इस तरह की किसी भी वारदात के होने से इनकार किया है...

 आरक्षण की आड़ में हुई इस दरिंदगी की दास्तां को बयान करने के लिए पीड़ितों के पास अल्फाज़ नहीं हैं ...क्योंकि बदनामी के डर से वो कुछ भी बता पाने में खुद को असमर्थ महसूस कर रही हैं...इस मामले में सच चाहे कुछ भी हो ...लेकिन दबी ज़ुबान में स्थानीय लोग महिलाओं के साथ हुई ज्यादती की दास्तां को बयां कर रहे हैं ...इस मामले के सामने आने के बाद जहां पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं ...वहीं अब सवाल ये उठता है कि इस मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है ...अब जरूरत इस बात की है कि इस मामले की  तह तक जाकर इसकी हकीकत जानी जाए ...ताकि इस मामले में जो भी आरोपी हों उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके ...

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