पंजाब सरहदी सूबा होने का संताप हमेशा से भोगता रहा है ...कभी आतंकवाद ,कभी सीमा पार से होने वाली फायरिंग और कभी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नशा तस्करी...लेकिन आज हम पंजाब में सबसे बड़ी जिस समस्या की बात कर रहे हैं वो है नशा...
अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर पर बड़े स्तर पर नशे की तस्करी होती है ....जो पंजाब में सबसे बड़ी चिंता और चुनौती का विषय बन चुकी है ...पंजाब के नौजवान जो अपने सीने पर दुश्मन की गोली खाने का मादा रखते थे वो आज बुरी तरह से नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं ...ये नशे पंजाब के नौजवानों को दीमक की तरह अंदर से खोखला कर रहे हैं ... आए दिन पंजाब के सरहदी ज़िलों से नशे की बड़ी खेपें बरामद होने की खबरें सामने आती रहती हैं ...लेकिन इसमें पंजाब के कुछ लोगों की संलिप्तता ने सबको हैरत में डाल दिया है ...चंद रूपयों की खातिर पंजाब के ही कुछ लोग नशे की इन खेपों को नौजवानों तक पहुंचा रहे हैं ...यहीं नहीं कुछ सफेदपोश भी युवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए नशे का सहारा ले रहे हैं ...रही सही कसर पंजाब के सरहदी राज्यों ने पूरी कर दी है...जहां राजस्थान जैसे राज्य से बड़े स्तर पर अफीम की तस्करी होती है ...सरहदी जिलों में सुरक्षा प्रबंधों और चेकिंग की सख्ती न होने की वजह से बेरोक टोक इस नशे की तस्करी हो रही है ... पंजाब में नशे के चलन को बढ़ाने में पंजाब के गायकों ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है...पंजाबी गायकों में से चंद गायकों को छोड़ शायद ही कोई ऐसा गायक होगा जो अपने गीतों में नशे का जिक्र न करता हो ... ये गायक अपने गीतों में नशे का जिक्र इतने फख्र से करते हैं मानों पंजाब के लोगों की भलाई के लिए बहुत बड़ा काम कर रहे हों ....कुल मिलाकर देखा जाए तो सरकार की ओर से नशों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे ...जिसके चलते पंजाब में नशे की तस्करी बेरोक टोक हो रही है ....
अब सवाल ये उठता है कि तरक्की और मेहनतकश पसंद पंजाब के लोगों की बर्बादी की कगार पर पहुंचाने वाली ताकतें कौन सी हैं आखिर कौन है जो पंजाब की आबोहवा में नशे रूपी इस ज़हर को फैलाकर पंजाब की जवानी को नशों की ओर धकेल रहा है... ये चंद सवालात ऐसे हैं जिनका जवाब ढूंढने की आज तक किसी ने कोशिश नहीं की है ... कई सरकारें आई और कई गई...लेकिन नशे के मुद्दे पर सिवाय सियासी रोटियां सेंकने के नेताओं ने करने के नाम पर आज तक कुछ नहीं किया ...ये नेतागण अपनी जिम्मेदारी समझने की बजाए लगातार ऐसे संजीदा मामलों की लगातार अनदेखी करते आए हैं ...यही वजह है कि पंजाब के नौजवानों की रगों में आज खून की बजाए नशा दौड़ रहा है ...आज जरूरत इस बात की है कि नशे ,बेरोजगारी ,सीमा पार से आतंकवाद ,कैंसर से जूझ रहे इस सूबे की बेहतरी के लिए राज्य सरकार संजीदा हो ...सफेदपोश अपने स्वार्थों से उपर उठकर राज्य की बेहतरी के लिए सोचें....आपसी मनमुटाव भुलाकर और सियासत से उपर उठकर पंजाब के युवाओं को रोजगार के मौके मुहैया करवाएं ...लेकिन यहां पर केवल सरकार के सोचने से ही समस्या का समाधान नहीं होगा ... आम लोगों को भी इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी ...लोगों को खुद जागरूक होना होगा ....तभी पंजाब तरक्की के मार्ग पर अग्रसर हो सकेगा ... और फिर से खुशहाल राज्य बन सकेगा ...
शमिन्द्र कौर कलेर
अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर पर बड़े स्तर पर नशे की तस्करी होती है ....जो पंजाब में सबसे बड़ी चिंता और चुनौती का विषय बन चुकी है ...पंजाब के नौजवान जो अपने सीने पर दुश्मन की गोली खाने का मादा रखते थे वो आज बुरी तरह से नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं ...ये नशे पंजाब के नौजवानों को दीमक की तरह अंदर से खोखला कर रहे हैं ... आए दिन पंजाब के सरहदी ज़िलों से नशे की बड़ी खेपें बरामद होने की खबरें सामने आती रहती हैं ...लेकिन इसमें पंजाब के कुछ लोगों की संलिप्तता ने सबको हैरत में डाल दिया है ...चंद रूपयों की खातिर पंजाब के ही कुछ लोग नशे की इन खेपों को नौजवानों तक पहुंचा रहे हैं ...यहीं नहीं कुछ सफेदपोश भी युवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए नशे का सहारा ले रहे हैं ...रही सही कसर पंजाब के सरहदी राज्यों ने पूरी कर दी है...जहां राजस्थान जैसे राज्य से बड़े स्तर पर अफीम की तस्करी होती है ...सरहदी जिलों में सुरक्षा प्रबंधों और चेकिंग की सख्ती न होने की वजह से बेरोक टोक इस नशे की तस्करी हो रही है ... पंजाब में नशे के चलन को बढ़ाने में पंजाब के गायकों ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है...पंजाबी गायकों में से चंद गायकों को छोड़ शायद ही कोई ऐसा गायक होगा जो अपने गीतों में नशे का जिक्र न करता हो ... ये गायक अपने गीतों में नशे का जिक्र इतने फख्र से करते हैं मानों पंजाब के लोगों की भलाई के लिए बहुत बड़ा काम कर रहे हों ....कुल मिलाकर देखा जाए तो सरकार की ओर से नशों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे ...जिसके चलते पंजाब में नशे की तस्करी बेरोक टोक हो रही है ....
अब सवाल ये उठता है कि तरक्की और मेहनतकश पसंद पंजाब के लोगों की बर्बादी की कगार पर पहुंचाने वाली ताकतें कौन सी हैं आखिर कौन है जो पंजाब की आबोहवा में नशे रूपी इस ज़हर को फैलाकर पंजाब की जवानी को नशों की ओर धकेल रहा है... ये चंद सवालात ऐसे हैं जिनका जवाब ढूंढने की आज तक किसी ने कोशिश नहीं की है ... कई सरकारें आई और कई गई...लेकिन नशे के मुद्दे पर सिवाय सियासी रोटियां सेंकने के नेताओं ने करने के नाम पर आज तक कुछ नहीं किया ...ये नेतागण अपनी जिम्मेदारी समझने की बजाए लगातार ऐसे संजीदा मामलों की लगातार अनदेखी करते आए हैं ...यही वजह है कि पंजाब के नौजवानों की रगों में आज खून की बजाए नशा दौड़ रहा है ...आज जरूरत इस बात की है कि नशे ,बेरोजगारी ,सीमा पार से आतंकवाद ,कैंसर से जूझ रहे इस सूबे की बेहतरी के लिए राज्य सरकार संजीदा हो ...सफेदपोश अपने स्वार्थों से उपर उठकर राज्य की बेहतरी के लिए सोचें....आपसी मनमुटाव भुलाकर और सियासत से उपर उठकर पंजाब के युवाओं को रोजगार के मौके मुहैया करवाएं ...लेकिन यहां पर केवल सरकार के सोचने से ही समस्या का समाधान नहीं होगा ... आम लोगों को भी इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी ...लोगों को खुद जागरूक होना होगा ....तभी पंजाब तरक्की के मार्ग पर अग्रसर हो सकेगा ... और फिर से खुशहाल राज्य बन सकेगा ...
शमिन्द्र कौर कलेर
Sharam aani chahidi hai. Ehda de loka. Nu. Kaada. Loktantar hai. J ehda Farmaan panchayat walo dita janda. Hai.
जवाब देंहटाएंPUNJAB KO NASHA PEECHE DHAKEL RAHA HAI ,GHAMBEER CHINTAN KA SUBJECT HAI
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